गोवर्धन पूजा का पौराणिक महत्व !!!

  • November 05, 2021
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  • by Admin

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाता है। à¤‡à¤¸ दिन लोग इंद्र की पूजा करते थे। इंद्र अंहकारी हो गए थे और उनके इस अहंकार को तोड़ने के लिए जब द्वापर युग में एक बार जब इंद्र की पूजा की जा रही थी। उस समय सत्वगुण भगवान श्री विष्णु जी के पूर्ण अवतार श्री कृष्ण उस पूजा में पहुंचे और पूजा के बारे में पूछने लगे कि हमारे वेद आदि सदग्रंथों में पूर्ण ब्रह्म की पूजा का विधान है फिर आप सब लोग यह मनमाना आचरण यानी इन देवी देवताओं की पूजा क्यों कर रहे हो? 

तब ब्रजवासियों ने बताया कि यह देवराज इंद्र की पूजा की जा रही है यह पूजा यहां की परंपरा है और वर्षा के लिए हमेशा इंद्र की पूजा की जाती है क्योंकि ब्रजवासी गोधन से अपनी आजीविका चलाते थे और उसके लिए वर्षा के ऊपर निर्भर थे और वर्षा के देवता इंद्र है इसलिए इंद्र की पूजा कर रहे हैं।

इस पर भगवान श्री कृष्ण ने सभी नगरवासियों से कहा कि हमें इंद्र की पूजा करके कोई लाभ नही होता। वर्षा करना तो उनका कर्म और दायित्व है और वह सिर्फ अपना कर्म कर रहे हैं। सभी देवी-देवता भगवान के बनाए हुए विधान के अनुसार ही कर्म करते हैं और उस विधान के अनुसार ही वह हमें फल देते हैं जैसा हमारा कर्म होता है उसी के आधार पर वह हमें फल देते ह। अपनी तरफ से कुछ भी कम या ज्यादा नहीं कर सकते इसलिए हमें इनकी पूजा नहीं करनी चाहिए। इंद्र के अहंकार का दमन करने के लिए ही कृष्ण ने कहा कि हमें इंद्र की पूजा नहीं करनी चाहिए।

अपनी पूजा नहीं होने से इंद्र क्रोधित हो उठे और मेघों को आदेश दिया कि गोकुल का विनाश कर दो। इसके बाद गोकुल में भारी बारिश होने लगी और गोकुल वासी भयभीत हो उठे। परंतु भगवान श्री कृष्ण ने सभी गोकुल वासियों को गोवर्धन पर्वत के संरक्षण में चलने के लिए कहा। जिसके बाद श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा ऊँगली पर उठा लिया और सभी ब्रजवासियों की इंद्र के प्रकोप से रक्षा की। 

इंद्र ने अपने पूरे बल का प्रयोग किया लेकिन उनकी एक न चली। इसके बाद जब इंद्र को यह पता चला कि भगवान श्री कृष्ण विष्णु भगवान का ही अवतार हैं उनके सामने इंद्र की शक्ति बहुत कम है क्योंकि इंद्र सिर्फ स्वर्ग का राजा है परंतु विष्णु भगवान तीन लोक के भगवान हैं जो पालन का कार्य करते हैं तो इंद्र को अपनी भूल का अहसास हुआ और वह भगवान श्री कृष्ण से क्षमा मांगने लगे। तब ही से गोवर्धन पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है।

गोवर्धन पूजा की आपको और आपके पूरे परिवार हार्दिक शुभकामनाएं।
🙏🌹जय श्री कृष्णा ! राधे राधे !!🌹🙏
🌹🙏श्री कृष्ण भगवान हम सब की रक्षा करें !!!🙏🌹




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